- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
उज्जैन में बजरंग दल का हंगामा: थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली के विरोध में देवास गेट थाना के सामने किया जोरदार प्रदर्शन, महिलाओं के साथ हुई घटना पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में बुधवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देवास गेट थाना के सामने प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन का मुख्य कारण थाना प्रभारी अनिला पाराशर की कथित कार्यप्रणाली को बताया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि माल गोदाम रोड रेलवे स्टेशन के पास कुछ युवकों ने तीन महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार किया। जब पीड़ित महिलाएं बजरंग दल के प्रतिनिधियों के साथ थाने पहुंचीं और एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी ने इसे अस्वीकार कर दिया।
बजरंग दल के जिला सह संयोजक विक्की राठौर ने बताया कि थाना प्रभारी ने यह कहते हुए कार्रवाई से इनकार किया कि बजरंग दल वाले हमेशा किसी एजेंडा के साथ आते हैं और उनका काम यही होता है। राठौर ने यह भी उल्लेख किया कि दो दिन पहले रात में थाना प्रभारी ने लगभग 10 लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की थी। इनमें कुछ होटल संचालक भी शामिल थे, जो अपना व्यवसाय बंद कर घर लौट रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि शहर रात 11 बजे बंद करने का नियम है, तो तोपखाना और बेगमबाग क्षेत्रों में दुकानों के खुले रहने की अनुमति क्यों दी जाती है। बजरंग दल ने इस मुद्दे पर थाना प्रभारी को तुरंत पदस्थापना या स्थानांतरण करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे और बड़ा आंदोलन शुरू कर सकते हैं।